ज्वालामुखी विस्फोट क्यों होते हैं
Transcript
ज्वालामुखी क्यों फटते हैं? आइए जानते हैं।

पृथ्वी के अंदर गर्म पिघली चट्टान, जिसे मैग्मा कहते हैं, दबाव में भरी होती है।



यह मैग्मा ऊपर की ओर धकेलता है, जैसे एक दबा हुआ स्प्रिंग।

जब दबाव बहुत अधिक हो जाता है, तो ऊपर की चट्टान टूट जाती है।


मैग्मा, गैस और राख सब एक साथ बाहर निकल आते हैं।
यह मैग्मा बाहर आने के बाद लावा कहलाता है।

पृथ्वी की पपड़ी पर कई प्लेटें हैं जो धीरे-धीरे हिलती हैं।

जहाँ प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं, वहाँ मैग्मा ऊपर आता है।


जहाँ प्लेटें एक-दूसरे की ओर आती हैं, वहाँ विस्फोट बहुत तेज होते हैं।


प्रशांत महासागर के चारों ओर कई ज्वालामुखी हैं, जहाँ प्लेटें टकराती हैं।
कुछ ज्वालामुखी पृथ्वी के गहरे भीतर से आने वाली गर्म धारा से बनते हैं।

हवाई के द्वीप इसी तरह बने थे, जब प्लेट ऊपर से गुजरी।

तो याद रखो: मैग्मा का दबाव, प्लेटों की गति, और गर्मी—ये सब मिलकर ज्वालामुखी विस्फोट करते हैं।
अब बताओ: जब दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर आती हैं, तो विस्फोट कैसा होता है? ज्वालामुखी विस्फोट तब होता है जब मैग्मा का दबाव इतना बढ़ जाता है कि ऊपर की चट्टान टूट जाती है।
- मैग्मा + दबाव + गैस = विस्फोट
Quick quiz
Q1. जब दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर आती हैं, तो विस्फोट कैसा होता है?
प्लेटें टकराती हैं, दबाव बहुत बढ़ता है, इसलिए विस्फोट भीषण होता है।